महात्मा गाँधी जयती पर निबंध हिंदी में-Mahatma Gandhi Par Essay In Hindi

महात्मा गाँधी जयती पर निबंध हिंदी में-Mahatma Gandhi Par Essay Hindi Mein! अगर देखा जाए तो,वैसे महापुरुषों का जन्म यदा कदा होता ही रहा है पर महात्मा गाँधी का जन्मदिन बहुत ही विशेष महत्व रखता है। क्योकि महात्मा गाँधी का जन्मदिन भारत के महत्वपूर्ण राष्टीय कार्यकर्मो में से एक है!महात्मा गाँधी दिवस 2 अक्टूबर को पूरे विश्व में सत्य और अहिंसा सवरूप पुरे भारतवर्ष में महात्मा गांधी जयंती के रुप में मनाया जाता है इस दिन को राष्ट्रीय त्यौहार की मान्यता प्राप्त है|    
   

महात्मा गाँधी की जीवन शैली को समझने के लिए हम आसान शब्दो में महात्मा गाँधी की जयति पर निबंध शेयर कर रहे है और इस निबंध को पहली कक्षा से कक्षा दशवी तक के छात्र इस निबंध का प्रयोग अपने स्कूल में होने वाले प्रतियोगिता,निबंध लेखन और विभिन्न अवसरों में इस्तेमाल कर सकते है। 

महात्मा गांधी महापुरुष थे महात्मा गाँधी हमारे देश के राष्टीयपिता थे ,वे मानवता के संरक्षक थे।महात्मा गाँधी जी के हृदय में प्रेम और सभी धर्मों के प्रति आदर भाव था, इसलिए वह बापू और राष्टीयपिता कहलाए।


भारत की आजादी के लिए महात्मा गाँधी जी ने स्व्तंत्रता साग्राम में व भारत को आजाद कराने में बहुत ही अहम भूमिका निभाई है। महात्मा गाँधी सत्य और अहिंशा के पुजारी थे सत्य और अहिंशा के माध्यम से उन्होंने भारत की आजादी के रास्ते बनाये। 


भारत में कुछ व्यक्ति ऐसे हैं जिन्हें कभी नहीं भुलाया जा सकता किसी अन्य व्यक्ति साथ उनकी कभी तुलना भी नहीं की जा सकती है। 


महात्मा गांधी जिन्हें हम राष्ट्रपिता और बापू कहते हैं वह महापुरुष थे जिन्होंने सच्चाई और अहिंशा के माध्यम से अपने देश को अंग्रेजों से मुक्त कराया।


महात्मा गांधी का जन्म 2 अक्टूबर 1869 को गुजरात के पोरबंदर शहर में हुआ था महात्मा गांधी का पूरा नाम मोहनदास करमचंद गांधी था  और  उनके पिता राजकोट के दीवान थे उनके पिता का नाम करमचंद गांधी था और उनकी माता का नाम पुतलीबाई था उन्होंने महात्मा गांधी का लालन पालन बड़े ही अच्छे ढंग से किया था। 

Mahatma Gandhi
महात्मा गांधी ने अपनी पढ़ाई की शुरुआत अपने ही गांव से की और बाकी की पढ़ाई जैसे वकालत विदेश जाकर पूरी की इसी दौरान उन्हें एक बार दक्षिण अफ्रीका जाना पढ़ा और उन्हें वहां कहीं मुसीबतों का सामना करना पड़ा गांधी जी ने वहां जाकर देखा कि भारत वासियों के साथ वहां पर अच्छा व्यवहार नहीं हो रहा था जिससे कि उन्हें बहुत ठेस पहुंची और वहां उन्होंने एक आंदोलन शुरू किया सत्याग्रह और उसमें उन्हें सफलता भी मिली। 

फिर वे 1914 में भारत आए तो उन्होंने भारत में लाचारी और गुलामी देखी। गांधी जी ने देखा की अंग्रेजी भारत वासियों पर कुऱ अत्याचार कर रहे हैं तभी से वह भारत को आजाद कराने के लिए जुट गए सन 1917 में  उन्होंने अत्याचार का विरोध किया।

अंग्रेजों के खिलाफ सत्याग्रह आंदोलन शुरू किया जनता ने भी उनके इस आंदोलन का स्वागत किया फिर सन 1942 में एक कारांति हुई उन्होंने कई नारे लगाए जैसे करो या मरो का जागरूक नारा,भारत छोडो नारा लगाया और इसके लिए गांधी जी और उनके कई नेता को जेल में बंद कर दिया गया लेकिन वह फिर भी नहीं रुके फिर क्या अंग्रेजो को अपनी हार मानकर भारत छोड़ना पड़ा उनके इस संघर्ष ने भारत को 15 अगस्त 1947 को आजादी दिलाई उन्होंने गरीबों और पिछड़े लोगों को ऊपर उठाने के लिए बहुत सारे काम किये है।


महात्मा गाँधी राष्टपिता 
भारत को आजाद कराने वाले इस महापुरुष को देश के ही एक देशवाशी व्यक्ति नाथूराम गोडसे ने 30 जनवरी 1948 को गोली मारकर हत्या कर दी।महात्मा गांधी जी भले ही आज हमारे बीच नहीं हो, किंतु उनके विचार प्रासंगिक है तथा पूरी दुनिया को रास्ता दिखाते हैं| 

महात्मा गांधी जी के दर्शन के चार आधारभूत सिद्धांत है सत्य, अहिंसा, प्रेम और सद्‍भाव उनका विश्वास था कि सत्य ही परमेश्वर है, उन्होंने सत्य की आराधना को भक्ति माना.लेकिन वह मर कर भी अमर है।

गांधी जयंती भारत के तीन सबसे महत्वपूर्ण घटनाओं में से एक है यह दिवस पूरे भारत में बड़े उत्साह के साथ मनाया जाता है ताकि हमारे देश के राष्ट्यपिता महात्मा गांधी को याद किया जा सके महात्मा गांधी जयंती मनाने का उद्देश्य महात्मा गांधी को सम्मान देना है जिन्होंने भारत को आजाद कराया इस दिन को अहिंसा का अंतरराष्ट्रीय दिवस कहा जाता है 2 अक्टूबर को भारत सरकार द्वारा राष्ट्रीय अवकाश घोषित किया गया है। 


गांधी जयंती के दौरान स्कूल और कॉलेजो में नाटक और भाषण जैसे कार्यक्रम प्रतियोगिता आयोजित किये जाते है और सर्वश्रेस्ठ आने वाले को पुरष्कार दिए जाते है। 


महात्मा गांधी जी की अहिंसा का अर्थ है मन, वाणी तथा कर्म से किसी को आहत ना करना। 

गांधी जयती  कहां और कैसे बनाते हैं-Gandhi Jayati Kaha Aur Kaise Manate Hai.

हर साल 2 अक्टूबर को देशभर में हमारे महात्मा गांधी जी के जन्मदिन को बड़े उत्साह के साथ गांधी जयंती के रूप में मनाया जाता है गांधी जयंती मुख्य रूप से 2 जगहों पर मनाया जाता है एक वह जगह जहां पर गांधी जी की हत्या की गई थी और दूसरी वहां जहां संस्कार किया गया था (राजघाट ,नई दिल्ली) . 


महात्मा गांधी की प्रतिमा के ऊपर फूलों की माला रखी जाती है और बापूजी का पसंदीदा गीत रघुपति राघव राजा राम गाया जाता है राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री अन्य राजनीतिक नेता महात्मा गांधी की समाधि पर राजघाट में श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं। 

महात्मा गांधी के बलिदान को हम कभी नहीं भुला पाएंगे उन्होंने सचाई  की राह पर अपना  जीवन कुर्बान कर किया हमारी आने वाले पीढ़ी भी उनके इस कार्य को याद रखेगी। 

इनके बिना हमारा कोई वजूद न होता अगर ये न होते आज भी किसी अंग्रेज़ के घर में गुलामी कर रहे होते स्पेशल थैंक्स टू हमारे प्यारे महात्मा गांधी।


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